ॐ श्री विश्वकर्मा मंदिर सुथार समाज कल्याणपुर

पूजा विधि

  1. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थल की सफाई करें।
  3. दीपक जलाएं एवं भगवान का ध्यान करें।
  4. फूल, अक्षत, रोली, मिठाई आदि अर्पित करें।
  5. आरती करें एवं प्रसाद वितरण करें।

    श्री विश्वकर्मा जी की आरती

    ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।
    सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक श्रुति धर्मा ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।
    जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नहीं पाई।
    ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना।
    संकट मोचन बनकर, दूर दुःख कीना ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    जब रथकार दम्पती, तुम्हरी टेर करी।
    सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।
    द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।
    मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥

    श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे।
    कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे ॥ ओम जय श्री विश्वकर्मा ॥